ढाई अक्षर प्रेम के कबीर का एक बहुत सुंदर और लोकप्रिय दोहा है : पोथी पढ़ी-पढ़ी जग मुआ पंडित भया ना कोय / ढाई आखर प्रेम का पढ़े सो पंडित होय । इस छोटे से दोहे में जीवन का गहनतम ... CONTINUE READING...
क्या आप बचपन फिर से जीना चाहते हैं ? एक बार मैंने कुछ विद्यार्थियों से पूछा कि, “आपके जीवन का सबसे सुंदर समय कौन सा था ? आपके अनुसार, मनुष्य जीवन का सबसे मधुर समय कौन सा होता है ? कौन सा... CONTINUE READING...
आँसुओं का काव्य जैसे-जैसे मेरा ध्यान गहराता गया मैंने अपने अंदर एक अद्भुत चीज़ को घटते देखा । वह चीज़ कुछ अजीब भी थी । होता यूँ था कि कभी मैं किसी पक्षी को उड़ते देखूँ या शायरी की कुछ पंक्तियाँ सुन लूँ या... CONTINUE READING...
Belongingness We all wish to belong to someone and want someone to belong to us. Belonging fills us with deep contentment mainly because it helps in exploring who we... CONTINUE READING...